चकमक क्‍लब

सतवास में चकमक क्‍लब 12 सालों तक चलता रहा इसमें संसाधनो में मदद एकलव्‍य द्वारा की जाती थी। बाद में इसे समावेश द्वारा संचालि‍त कि‍या जाने लगा। यहां स्रोत बच्‍चे चकमक क्‍लब की व्‍यवस्‍था को संचालि‍त करते थे। हम कह सकतें है कि‍ यह जगह बच्‍चों की अपनी जगह होती थी,कब बालमेले होगें ,कौन सी गतिवि‍धि‍यां होगीं, कैसे हम अपने काम को करेंगें और कौन समनवयक होगा यह सब एक लोकतांत्रि‍क तरीके से बच्‍चे ही तय करते थे। यह चि‍त्र 1995 के बाल मेले का है। शा.प्रा.शाला.सतवास

Wednesday, January 12, 2011

चकमक क्‍लब: ham our wo

http://chakmakclub.blogspot.com/ चकमक क्‍लब: ham our wo
Posted by PAHCHAN at 9:39 PM
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हम लोगों ने सतवास में कैसे की चकमक क्‍लब की नई शुरूआत

हम सभी चकमक क्‍लब से नि‍कले साथि‍यों का मानना था कि‍ चकमक क्‍लब ने हमारी सोच में सकारात्‍मक प्रभाव डाला है हम अग समाज में बराबरी की बातें करतें है । और हमारे समाजि‍करण में जो चकमक क्‍लब का योगदान था । वह महत्‍वपूर्ण रहा है। चूकि‍ पि‍छले कुछ सालों से सतवास में चकमक क्‍लब बंद हो गया है। इससे बच्‍चों को अपने लि‍ए एक खुला मंच नहीं मि‍ल पा रहा है। हम सभी साथि‍यों को लगा की सतवास और आस पास के गांव यह व्‍यवस्‍था फि‍र से शुरू होना चाहि‍ए । हम लोगों ने जून 2009 से सतवास में चकमक क्‍लब की शुरूआत फि‍र से की इस काम में हम सभी जगह से चंदा लेते है और वहां की व्‍यवस्‍था को चलातें है हम और लोगों से भी लगातार आग्रह करते आऐं है की वो हमारे साथ इस काम में मदद करें । इस प्रयास में हमने लागों को मेल भी कि‍ये और कुछ जगह से सकारात्‍मक जवाब भी मि‍ले है। हम इस काम को कैसे आगे बढाऐ और क्‍या इसमें जोडे यह आप लोगों के सुझाव पर भी तय कि‍या जा सकता है ।

चकमक क्‍लब की अवधारणा

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